
Veer-Zaara
यश चोपड़ा की 'वीर-ज़ारा' एक कालातीत प्रेम कहानी है जो सरहदों के पार के रिश्ते को बयान करती है। हालाँकि यह फिल्म ऋतिक रोशन की नहीं है, लेकिन यह उस दौर की पहचान है जब बड़े पैमाने पर बनी रोमांटिक ड्रामा फ़िल्में हिंदी सिनेमा पर राज कर रही थीं, एक ऐसा genre जिसे ऋतिक ने भी बाद में 'जोधा अकबर' जैसी फिल्मों से समृद्ध किया। फिल्म की पटकथा भावनात्मक गहराई, मजबूत निर्देशन और एक विशाल कैनवास पर फिल्माई गई है। संतोष सिवन की सिनेमैटोग्राफी फिल्म की भव्यता और उत्तर भारत के परिदृश्यों को खूबसूरती से कैप्चर करती है, जिससे यह एक दृश्य उपचार बन जाती है।













