
Kabhi Khushi Kabhie Gham
करण जौहर की यह भव्य पारिवारिक गाथा भले ही अपने ड्रामा के लिए जानी जाती हो, लेकिन इसमें हास्य की एक सूक्ष्म और प्रभावी परत भी है. काजोल और शाहरुख खान के बीच की केमिस्ट्री, खासकर लंदन वाले हिस्से में, कई यादगार और हँसाने वाले पल देती है. फिल्म का स्क्रीनप्ले भावुकता और हल्के-फुल्के दृश्यों को बखूबी संतुलित करता है. निर्देशन ने हर किरदार को अपनी पहचान दी है, जिससे कॉमेडी स्वाभाविक लगती है. सिनेमैटोग्राफी भले ही ड्रामा पर केंद्रित हो, लेकिन यह हास्य दृश्यों को भी उतनी ही भव्यता से प्रस्तुत करती है, इसे एक 'विटी फैमिली एंटरटेनर' का दर्जा देती है.













