
Drishyam 2
विजय सालगांवकर के परिवार की कहानी को आगे बढ़ाती 'Drishyam 2' एक बेहतरीन सीक्वल है जो मूल फिल्म की विरासत को न केवल बनाए रखती है बल्कि उसे एक नया आयाम भी देती है। अभिषेक पाठक का निर्देशन पिछली फिल्म के तनाव को बखूबी पकड़ता है और उसे एक नए स्तर पर ले जाता है। इसमें एक भी पल ऐसा नहीं है जब दर्शक अपनी सीट से हिलने की हिम्मत करे। कहानी में परत-दर-परत खुलते रहस्य, स्मार्ट फॉरेंसिक दांव-पेच और अंतिम 'ट्विस्ट' इसे एक अनिवार्य मर्डर मिस्ट्री बनाते हैं। सिनेमैटोग्राफी और संपादन भी कहानी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं, हर दृश्य को सस्पेंस से भर देते हैं।













